दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होम स्टे विकास योजना

 दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास होम स्टे विकास योजना

उत्तराखण्ड की यात्रा में आने वाली देशी विदेशी पर्यटकों को अभूतपूर्व अनुभव प्रदान करने के साथ ही स्थानीय लोगों की खुशहाली के लिये उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना शुरू की गई है। अब आप अपने  घर का पर्यटकों के विश्राम स्थल के रूप में उपयोग कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकते है।

योजना के फायदे:

ऽ        होम स्टे स्थापित घर का नवीनीकरण करने के लिये पात्र आवेदको को बैक से ऋण लिए जाने की दशा में राजकीय सहायता भी प्रदान की जायेगी।

ऽ        होम स्टे से प्राप्त आय पर प्रथम तीन वर्षो तक एसजीएसटी की धनराशि की भरपाई विभाग द्वारा की जायेगी।

ऽ        योजना के प्रचार प्रसार के लिये पृथक से वेबसाइट तथा मोबाइल एप विकसित की जायेगी।

ऽ        होम स्टे संचालकों को आतिथ्य सत्कार का प्रशिक्षण दिया जायेगा।

ऽ        तीस लाख रूपये की सीमा तक व्यवसायिक ऋण की स्वीकृति  के सापेक्ष बन्धक विलेख पर देय प्रभार्य शुल्क की प्रतिपूर्ती।

ऽ        पुराने भवनों में उच्चीकरण, साज-सज्जा, अनुरक्षण एवं रू0 दो लाख तक की सीमा तक नये शौचालयों के निर्माण पर भू-परिवर्तन की आवश्यकता नही होगी।

ऽ        राज सहायता:

ऽ        मैदानी जनपदों हेतु लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम रू0 7.5 लाख, मूल राज सहायता एवं पांच वर्षो हेतु अधिकतम रू0 1.00 लाख/वर्ष की ब्याज राजसहायता लाभ।

ऽ        पर्वतीय जनपदों हेतु लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम रू0 10.00 लाख मूल राजसहायता एवं पांच वर्षो हेतु अधिकतम रू0 1.50 लाख/वर्ष की ब्याज।

योजना की शर्ते:

ऽ        भवन में मकान मालिक अपने परिवार के साथ भौतिक रूप से रह रहा हो।

ऽ        अपने भवन को होम स्टे योजना के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

ऽ        पर्यटकों के लिये 1 से 6 कमरों की व्यवस्था की जा सकेगी।

ऽ        यह योजना नगर निगम क्षेत्र को छोडकर सम्पूर्ण प्रदेश में लागू होगी।

ऽ        पारम्परिक/पहाडी शैली में निर्मित/विकसित भवनों को प्राथमिकता।

योजना का उददेश्य:

ऽ        स्थानीय लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध कराते हुये उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना।

ऽ        पर्यटको को राज्य के व्यंजनों, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों तथा पारम्परिक/पहाडी शैली से परिचित कराना।

ऽ        स्थानीय रोजगार सृजन के द्वारा प्रदेश से पलायन को रोकना।

ऽ        विजन 2020 के अन्तर्गत 5000 होम स्टे विकसित करने का लक्ष्य।