सरकार पर पांच सौ करोड़ के दावे का मुकदमा खारिज

 सरकार पर पांच सौ करोड़ के दावे का मुकदमा खारिज

मुंबई हाईकोर्ट ने फस्र्ट ग्लोबल स्टाकब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड व उनके चीफ प्रमोटर शंकर शर्मा की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसके सहयोगी संस्थान तहलका डॉट कॉम के रक्षा सौदों में दलाली का भंडाफोड़ करने के बाद, सरकार अपनी एजेंसियों के जरिये उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई कर रही है।

याचिका में तत्कालीन वि७ामंत्री यशवंत सिन्हा, सेबी, रिजर्व बैंक, आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय से पांच सौ करोड़ रुपए हर्जाना मांगा गया था।

फस्र्ट ग्लोबल से जुड़े तहलका डॉट कॉम ने 13 मार्च 2001 को रक्षा सौदे में दलाली उजागर करते हुए वरिष्ठï राजनीतिज्ञों तथा भाजपा के अनेक पदाधिकारियों को रिश्वत लेते या मांगते दिखाया था।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भ्रष्टï मंत्रियों और राजनीतिज्ञों को बचाने के लिए सरकार तहलका को बदनाम करने के लिए उसे झूठे मामलों में उलझा रही है।

इसके चलते सेबी, प्रवर्तन निदेशालय, रिजर्व बैंक और आयकर विभाग ने याचिकाकर्ताओं को डेढ़ सौ नोटिस जारी किए हैं।

दोबारा मुकदमा शुरू करवाने मेें जुटीं जया: उधर,दिल्ली में समता पार्टी ने कहा कि पार्टी नेता जया जेटली ने तहलका प्रमुख तरुण तेजपाल पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा फिर शुरू करने के लिए नए सिरे से कदम उठाए हैं।

दिल्ली की एक अदालत ने कल यह मामला खारिज कर दिया था ०योंकि सुनवाई के समय न तो जया और न ही उनका वकील अदालत में पेश हो सका था।

पार्टी महासचिव अनिल हेगड़े ने कहा कि जेटली व उनके वकील सुनवाई की गलत तारीख की जानकारी की वजह से अदालत में पेश हो सके।

जेटली 4 दिसंबर की सुनवाई के लिए ही गुजरात से यहां आई थीं, लेकिन सुनवाई 3 दिसंबर को थी।

०वात्रोची का प्रत्यर्पण: सीबीआई को फिर झटका

मलेशिया हाईकोर्ट ने बुधवार को बोफोर्स दलाली कांड के वांछित आरोपी ओतावियो ०वात्रोची के प्रत्यर्पण के सीबीआई के प्रयासों को फिर एक करारा झटका देते हुए कहा कि इस मामले में भारत का पक्ष रखने के लिए मलेशिया के वकील ही पर्याप्त हैं।

इससे सुनवाई के दौरान भारतीय वकीलों के हाजिर रहने पर रोक लग गई। हालांकि, कोर्ट ने ०वात्रोची को पाबंद किया है कि वह देश छोडक़र न जाए। इसके साथ ही मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित हो गई।

मलेशिया के सेशनकोर्ट ने ०वात्रोची के भारत प्रत्यर्पण के अनुरोध को सोमवार को ठुकरा दिया था और उसका पासपोर्ट लौटा दिया था। भारत से विचार-विमर्श के बाद मलेशिया के अटॉर्नी जनरल ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

पर आज मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील गैरहाजिर रहे। इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए जस्टिस आगस्टिन पाल ने कहा कि उन्हें केवल वकीलों की सुविधा के कारण कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

उन्होंने कहा कि वे मलेशियाई अटॉर्नी जनरल की ‘अकर्मण्यता’ के कारण ०वात्रोची को इधर-उधर जाने से नहीं रोक सकते। हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष को इस बात के लिए भी फटकार लगाई कि उसके वकील जबाव तैयार करके नहीं आए।

उन्होंने इस तर्क पर कि सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत का एक वकील मौजूद रहा था, कहा कि अन्य कोर्ट में ०या हुआ उससे इस कोर्ट में मौजूद रहने का ‘परवाना’ नहीं मिल जाता।

पाल ने कहा कि भारतीय पक्ष को रखने के लिए मलेशिया के वकील ही पर्याप्त हैं। ०वात्रोची के वकील मुहम्मद शफी ने इसे भारत सरकार को करारा झटका बताया।

कोर्ट की व्यवस्था पर इटली के व्यवसायी ०वात्रोची ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह कल सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहेगा। उसने कहा कि मैंने हमेशा कोर्ट के सामने कही गई बातों का पालन किया है।

पाकिस्तान आतंकी शिविर बंद करे

रूस ने भारत के रुख का मुखर समर्थन करते हुए सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के बारे में पाकिस्तान से अपने वादे तथा जिम्मेदारी पर पूरी तरह से अमल करने को कहा है।

रूस ने कहा कि भारत पाकिस्तान से तभी बातचीत कर सकता है, जब वह आतंकवाद को सीमा पार से दिए जा रहे समर्थन को बंद करने के साथ ही अपने इलाकों के आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर रोक लगाए।

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और रूस के राष्टï्रपति ३लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच इस आशय के एक संयु०ïत घोषणापत्र पर बुधवार को दस्तखत हुए।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त जंग लड़े जाने संबंंधी सहमति-पत्र (एमओयू) और आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग संबंधी आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

दोनों देशों के संयु०त बयान में भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत पुन: शुरू करने के लिए पाकिस्तान तथा उसके क३जे वाले क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को खत्म करने की जरूरत बताई गई है।

इसमें कहा गया है कि लंबित द्विपक्षीय मुद्दों को शिमला समझौते तथा लाहौर घोषणा-पत्र के अनुसार सुलझाया जाना चाहिए।

दोनों देश इस पर सहमत थे कि अंतरराष्टï्रीय आतंकवाद, धार्मिक कट्टïरता, सीमा पार से चल रही घुसपैठ, पृथकतावाद, मादक द्रव्यों और हथियारों की तस्करी आदि से क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा है।

पुतिन ने आतंकवाद के प्रति भारत की चिंताओं को समझते हुए इससे मिलकर निबटने और सर्वाधिक त्रस्त क्षेत्रों से इसका सफाया करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ‘हमारे सामने आतंकवाद को दुनिया भर से, विशेष तौर पर सर्वाधिक त्रस्त क्षेत्रों से, समाप्त करने का काम है। दोनों पक्ष सामरिक तथा आर्थिक सहयोग बढ़ाए जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

यह पूछे जाने पर कि उनकी इस यात्रा के दौरान आपसी चर्चा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू ०या होगा पुतिन ने कहा,‘ यह कोई एक पहलू नहीं है। मैं भारतीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अन्य नेताओं के साथ अनेक समस्याओं पर चर्चा करूंगा। दोनों देश अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।’

तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर कल रात यहां पहुंचे पुतिन को 21 तोपों की सलामी दी गई तथा सेना की तीनों टुकडिय़ों ने सलामी गारद पेश किया। पुतिन कल सुबह स्वदेश रवाना हो जाएंगे।