अबू सलेम पर आरोपों से पुर्तगाल सहमत:आडवाणी

 त्रिपुरा में सेना के नौ जवानों की हत्या

त्रिपुरा में धलायी जिले के रायसवरी में नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ त्रिपुरा के उग्रवादियों ने आज सेना के नौ जवानोंं की हत्या कर दी। हमले में तीन जवान घायल हो गए, जिन्हें असम के सिलचर अस्पताल भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार एनएलएफटी के उग्रवादियों ने स्वचालित हथियारों से उस समय हमला किया, जब सेंट्रल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स के जवानों को सीमा पर सडक़ निर्माण के लिए ले जाया जा रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अतिरि०त सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं और उग्रवादियों को पकडऩे के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।

अबू सलेम पर आरोपों से पुर्तगाल सहमत:आडवाणी

उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को कहा कि पुर्तगाल सरकार अबू सलेम पर आतंकवादी कारनामों में संलिप्तता के आरोपों से सहमत हो गई है और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ देने के लिए तैयार है।

सलेम के प्रत्यर्पण के बारे में आशान्वित सरकार शीघ्र औपचारिक आग्रह करने वाली है, लेकिन सीबीआई ने कहा है कि इसमें समय लग सकता है। हिमाचल प्रदेश के वांक घाट में आडवाणी ने पत्रकारों से कहा कि पुर्तगाल सरकार इस बात से संतुष्टï है कि जिस आदमी को उसने गिरफ्तार किया है वही अबू सलेम है।

एक सवाल के जवाब में आडवाणी ने कहा कि लिस्बन में अधिकारी अभी जाली दस्तावेजों के आधार पर यात्रा करने के आरोप में मामला चलाने के लिए जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुर्तगाल सरकार आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में साथ देना चाहती है और यह सलेम के मामले में लागू होगा। दूसरी ओर सीबीआई के निदेशक पीसी शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रत्यर्पण से संबंधित एक आग्रह राजनयिक स्तर पर शीघ्र किया जाएगा। इस संबंध में उच्चस्तरीय कानूनी मशवरे और बातचीत जारी हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने सलेम को भारत लाए जाने के बारे में आग्रह किया है, लेकिन पुर्तगाली अधिकारी ने अपने कानून के मुताबिक प्रत्यर्पण अनुरोध की मांग की है और यह शीघ्र ही किया जाएगा। इस बात पर जोर देते हुए कि पुर्तगाली अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि सलेम भारतीय नागरिक है, शर्मा ने कहा कि उस देश के सहयोगपूर्ण रवैये को देखते हुए प्रत्यर्पण की उन्हें पूरी आशा है।

उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच सहयोग का यह एक अतुलनीय उदाहरण है। पुर्तगाली अधिकारियों ने किसी भी स्तर पर आनाकानी या कमजोरी नहीं दिखाई है। समाचार माध्यमों में सीबीआई के तीन सदस्यीय दल के बैरंग लौटने की खबर को खारिज करते हुए शर्मा ने कहा कि दल के साथ सलेम का आना वास्तविक अपेक्षा नहीं थी। पुर्तगाल में सलेम और मोनिका के खिलाफ दर्ज मामलों में कानूनी प्रक्रिया में समय लगना आवश्यक है और वहां प्रक्रिया जारी है। इस परिप्रेक्ष्य में सलेम को भारत लाने में कुछ समय लग सकता है।

सलमान पर मेंटल हेल्थ ए०ट के तहत कार्रवाई की मांग

वास्तव में सलमान खान की मानसिक हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि वह समाज के लिए खतरा बन चुके हैं और उन्हें पागलखाने भेज दिया जाना चाहिए? कम से कम सलमान के खिलाफ रोड ए०सीडेंट के मामले में जनहित याचिका दायर करने वाले लोगों का तो यही मानना है।

इस याचिका में सिर्फ रोड ए०सीडेंट में मरने वाले के परिजनों और घायलों को तत्काल मुआवजा देने की ही मांग नहीं की गई है बल्कि याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि अदालत सलमान के खिलाफ मेंंटल हेल्थ ए०ट 1987 के तहत कार्रवाई भी शुरू करे। याचिकाकर्ताओं के अनुसार आज अहम सवाल यह नहीं है कि सलमान का 950 रुपए की जमानत पर छूटना सही था या गलत।

सवाल सलमान के द्वारा लगातार की जा रही हिंसक घटनाओं और दुर्घटनाओं को देखते हुए उनके मेडिकल ट्रीटमेंट का है ०योंकि यह घटनाएं अब उनके परिवार और दोस्तों की महफिल से बाहर निकल गई हैं और समाज के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। याचिका में कहा गया है कि फिल्मी दुनिया में सफलता हासिल करने के साथ-साथ सलमान में ईगो और सनक का भी उसी अनुपात में विकास हुआ। इसका प्रमाण अभिनेत्री ऐश्वर्या राय तथा अन्य लोगों के साथ सलमान द्वारा सार्वजनिक रूप से किया जाने वाला दुव्र्यवहार है।

सलमान के इस व्यवहार की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों के द्वारा मिलती रही है। उसके ये व्यवहार दर्शाते हैं कि वह मानसिक रूप से बीमार है और इसीलिए मेंटल हेल्थ ए०ट लगाए जाने लायक है। याचिका में घटनाओं के जिक्र के साथ-साथ यह बताने के लिए कि वह दूसरों के लिए खतरा हैं, एक मनोविश्लेषक की मदद भी ली गई है।

मुंबई के मनोविश्लेषक डा. आनंद नाडकर्णी के अनुसार सलमान ‘पर्सनैलिटी डिसआर्डर’ के शिकार हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें मनोचिकित्सक की सलाह की जरूरत है। वैसे डा. आनंद का यह निष्कर्ष भी सलमान के व्यवहार के बारे में छपी रिपोर्टों पर ही आधारित है।

गौरतलब है कि इस याचिका के दायर होने के बाद मुंबई हाईकोर्ट ने तत्काल दो निर्देश जारी किए थे। पहले के तहत सलमान के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने और गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। दूसरे निर्देश के तहत सलमान को तत्काल दुर्घटना के प्रभावितों को मुआवजा देने को कहा गया है।