बिहार में ट्रांसपोर्टरों की बेमुद्दत हड़ताल

 बिहार में ट्रांसपोर्टरों की बेमुद्दत हड़ताल

बिहार में पथ कर वृद्धि तथा संशोधित परमिट दरों के विरोध में बुुधवार मध्य रात्रि से व्यावसायिक वाहन मालिकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से राज्य में परिवहन व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। सडक़ों पर निजी बसों, ट्रकों और ऑटोरि०शा का परिचालन ठप है। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहां कुछ निजी विद्यालयों ने सोमवार तक अवकाश घोषित कर दिया है, वहीं कुछ विद्यालयों ने अभिवावकों से बच्चों को स्कूल पहुंचाने का आग्रह किया है।

नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डेयरी और एम्बुलेंस सेवा को बंद से मु०त रखा गया है। राज्य सरकार ने राज्य की कमजोर वि७ाीय स्थिति का जिक्र करते हुए नई दरों को उचित बताया है। मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पुलिस को हड़तालियों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है। सरकार ने हड़ताल से निपटने के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड और उ७ारपद्रेश से बसें मांगी है।

राज्य परिवहन निगम ने अपनी 200 बसों को जरूरत के हिसाब से विभिन्न मार्गों पर चलाने का निर्णय लिया है। राज्य परिवहन निगम की बसों की खस्ता हालत और यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण लोगों को काफी कठिनाई हुई। बसों में भारी भीड़ दिखाई दी, लोगों को छतों पर भी सवारी करनी पड़ी।

साबरमती आश्रम में मेधा पाटकर के साथ हाथापाई

शांति के मसीहा महात्मा गांधी द्वारा स्थापित साबरमती गांधी आश्रम ने पांच दशकों में पहली बार अपने परिसर में हिंसा का तांडव देखा। स्वयंंसेवी संगठनों द्वारा आयोजित शांति की बैठक में भाग लेने यहां आई नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता सुश्री मेधा पाटकर को भाजपा युवा मोर्चा के तीव्र आक्रोश का सामना करना पड़ा भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मेधा पाटकर के साथ हाथापाई की।

मोर्चे के अध्यक्ष अमित ठक्कर के नेतृत्व में आए कार्यकर्ताओं ने ‘मेधा पाटकर हाय-हाय’ के नारे लगाकर बैठक का जमकर विरोध किया। पुलिस का घेरा तोड़ भीतर जाने का प्रयास कर रही भीड़ पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिससे कई लोग घायल हुए जिसमें पत्रकार भी शामिल हैं।

एनडीटीवी के कैमरामैन प्रनब जोशी को सिर पर चोटे आई। घटना करीब दो बजे के आस पास घटी। उस समय मेधा कुछ स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक ले रही थी।

कार्यकर्ताओं का कहना है था कि मेधा का शांति से कुछ लेना-देना नहीं है। उनका कहना था कि गुजरात में शांति के लिए हमें मेधा की कतई जरूरत नहीं है। सरदार सरोवर प्रोजे०ट का विरोध कर मेधा पहले ही गुजरात का काफी नुकसान कर चुकी है।

उग्र कार्यकर्ताओं का कहना था कि मेधा का यहां शांति की बात करने के लिए आना बेमानी है। समझा जाता है कि ठक्कर ने मेधा के साथ हाथापाई करने की कोशिश भी की। लेकिन पुलिस ने तत्काल बीच-बचाव किया और मेधा को एक कमरे में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

जब भीड़ उसके बाद भी वहां खड़ी होकर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में घायल एनडीटीवी के कैमेरामैन को बाद में यहां के श्रेय अस्पताल में दाखिल किया गया जहां डा०टरों ने उनकी हालत ठीक-ठाक बताई है।

पुलिस कमीश्नर शिवानंद झा ने पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब नहीं होना चाहिए था। इस बीच पत्रकारों के एक समूह ने पुलिस के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। विरोध करने वालों में ठक्कर के अलावा साबरमती की कांग्रेस पार्षद रमाबाई पटेल तथा डा पराग ठक्कर शामिल थे।

कोशिश रहेगी कि सिंगापुर भारत में अधिक निवेश करे

प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की यात्रा के दौरान सिंगापुर से अनुरोध किया जाएगा कि वह भारत में अधिकतम निवेश करे। 31 मार्च को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री मुरासोली मारन द्वारा घोषित नई आयात-निर्यात नीति घोषित करने के बाद भारत की तरफ विदेशी निवेश आकर्षित करने का यह पहला प्रयास है।

प्रधानमंत्री रविार से सिंगापुर और कंबोडिया की यात्रा पर हैं। उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल में शरीक विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशियाई मामलों की अतिरिक्त सचिव सुरत्यावंती त्रिपाठी ने विमान में संवाददाताओं को बताया कि विश्वव्यापी मंदी के दौर में सिंगापुर के लोग निर्यातमूलक इकाइयों में निवेश नहीं कर रहे हैं।

निर्यात बाजार में विश्व स्तर पर उतरने से उन्हें लगता है कि उनका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) कम हो जाएगा, इसलिए वेे उन चीजों का भी उत्पादन नहीं कर रहे हैं जो वे खुद इस्तेमाल करते हैं। भारत की कोशिश है कि सिंगापुर भारत में उन चीजों के उत्पादन में निवेश करे जिनका इस्तेमाल वहां होता है।

सुश्री त्रिपाठी को विश्वास है कि प्रधानमंत्री को नई आयात-निर्यात नीति और सीप्ज (स्पेशल ए०सपोर्ट प्रमोशन जोन) के आधार पर सिंगापुर से अधिकतम निवेश आकर्षित करने में सफलता मिलेगी। अतिरिक्त विदेश सचिव ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आर्थिक मामलों के अलावा आतंकवाद के मुद्दे पर भी बातचीत करेगा।

गौरतलब है कि मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपीन्स, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों में जेम्मा इस्लामिया नामक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं। आसियान देश भी भारत की तरह बहुसांस्कृतिक समाज (मल्टीकल्चरल सोसायटी) वाले देश हैं और वे भी आतंकवाद की समस्या से पीडि़त हैं।