एनआईआईटी एशिया की अव्वल आईटी प्रशिक्षण कंपनी

 आठ लाख किलो सोने की खपत

देश में प्रति वर्ष आठ लाख किलोग्राम सोने के आभूषण खरीदे जाते हैं और इस वर्ष के पहले दस महीनों में इसकी खपत में पिछले वर्ष के मुकाबले 10 फीसदी का इजाफा हुआ है।

वल्र्ड गोल्ड कौंसिल (डब्ल्यूजसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर (इंडियन सब कांटिनेंटल) संजीव अग्रवाल ने बताया कि भारत में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले सोने और उसके जेवरात की काफी मांग है।

भारत में स्वर्ण आभूषण बाजार को बढ़ावा देने के लिए त्यौहारों के दौरान हमने कई गतिविधियों को बढ़ावा दिया है जिसका अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है।

अग्रवाल के अनुसार देश के लोगों में सोने के प्रति विशेष लगाव है और इसी के चलते यहां नए सोने की खपत 600 टन जबकि रिसाइकल सोने की खपत 200 टन है।

भारत में 50 हजार करोड़ रुपए का विशाल आभूषण बाजार है जिसमें से हीरों का बाजार हिस्सा नौ हजार करोड़ रुपयों का है। इस विशाल आभूषण बाजार में से दो फीसदी हिस्से में ब्रांडेड जुअलरी का बोलबाला है जिसमें आठ से दस नामी गिरामी ब्रांड के आभूषण हैैं।

यह पूछे जाने पर कि सोना तो सोना है लेकिन एक स्थानीय सुनार और एक बड़े ब्रांड के शोरुम में आभूषणों की कीमत में इतना अंतर क्यों होता है, उन्होंने कहा कि ब्रांडेड जुअलरी के लिए इसी सोने को कई डिजायनों में ढाला जाता है और इसमें डिजायनर की मेहनत भी होती है जिससे कीमत में थोड़ा अंतर तो होगा।

भारत में बड़े ब्रांड की डिजायनर जुअलरी का अनुमानित बाजार एक हजार करोड़ रुपए का है जिसमें 15 फीसदी बढ़ोतरी हो रही है। उनके अनुसार अब शहरी उपभोक्ता भारी स्वर्ण आभूषणों के बजाय हल्के और फैशन के अनुसार आभूषण खरीदने में रुचि ले रहे हैैं।

मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए देश के स्वर्ण आभूषण निर्माता विदेशी डिजाइनों के आभूषणों से भारतीय उपभोक्ताओं को परिचित करा रहे हैं। इसके अलावा आज की युवा पीढ़ी में डिजायनर आभूषण पहनने का शौक बढ़ा है।

अग्रवाल ने बताया कि देश के पारंपरिक सुनार डिजायनर आभूषण निर्माताओं को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसका कारण है काफी लोग अपने परिचित सुनारों से ही स्वर्ण आभूषण खरीदना पसंद करते हैं और यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मौजूदा स्वर्ण आयात डयूटी को 20 से घटाकर कम से कम 10 फीसदी करने का आग्रह किया है।

भारतीय आईटी कंपनियों की मदद से आउटसोर्सिंग का केंद्र बनने को प्रयासरत

मॉरीशस भारतीय आईटी एवं सॉफ्टवेयर कंपनियों की मदद से प्रमुख आउटसोर्सिंग केंद्र बनने के प्रयास में लगा है। मॉरीशस सरकार को उम्मीद है कि भारतीय कंपनियां मॉरीशस को साइबर आइलैंड बनवाने में खास योगदान देंगी।

एक गोष्ठïी में भाग लेने यहां आए मॉरीशस के उद्योग, वित्तीय सेवा और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री सुशील कुशीराम ने एक विशेष भेंट में कहा, भारत और मॉरीशस के बीच आर्थिक भागीदारी बढ़ती जा रही है। हाल के कुछ वर्षों में आईटी के क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़ी है।

आईटी क्षेत्रों की नामी-गिरामी भारतीय कंपनियां मॉरीशस में अपनी इकाइयां स्थापित करती हैैं तो इन कंपनियों को मॉरीशस सरकार तमाम तरह की जरूरी सुविधाएं देने को तैयार है।

आउटसोर्सिंग के कारोबार में लगी भारतीय कंपनियां मॉरीशस को आधार बनाकर अफ्रीका और फ्रांस जैसे बाजारों में पांव जमा सकती हैं।

एनआईआईटी एशिया की अव्वल आईटी प्रशिक्षण कंपनी

इंटरनेशनल डाटा कार्पोरेशन (आईडीसी) ने भारत की एनआईआईटी को आईटी प्रशिक्षण देने वाली एशिया की सबसे बड़ी कंपनी घोषित किया है।

एनआईआईटी ने शनिवार एक विज्ञप्ति में कहा कि आईडीसी की विश्व-सूची में एनआईआईटी इस क्षेत्र की एकमात्र आईटी प्रशिक्षण कंपनी है। सूची में सिसको, डेल, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल, सैप ओर सन जैसी अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

एनआईआईटी दूसरे देशों में अपना विस्तार करने की अच्छी स्थिति में है क्योंकि यह ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार आईटी प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करती है।

भारत में सात नए आइमैक्स थिएटर

आइमैक्स कॉर्पाेरेशन ने शनिवार घोषणा की कि भारत में सात नए आइमैक्स थिएटर्स शुरू किए जाएंगे और 2008 तक भारत दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होने वाले आइमैक्स बाजार में शामिल हो जाएगा।

आइमैक्स फॉर्मेट में परिवर्तित हॉलीवुड फिल्मों को फिल्म देखने के शौकीन भारतीयों की ओर से अच्छा रिस्पांस हासिल हुआ, जिससे आइमैक्स डीएमआर रिलीजेस के लिए दुनिया के दो सबसे श्रेष्ठ स्थलों यानी हैदराबाद और मुंबई में आइमैक्स थिएटर्स स्थापित करने में मदद मिलेगा।

सीईओ तथा को-चेयरमैन (आइमैक्स) रिचर्ड एल. गलफंड ने कहा, भारत में आइमैक्स डीएमआर रिलीजेस की आश्चर्यजनक सफलता ने हमारा उत्साह बहुत बढ़ाया हैै और हम देश में इसके विकास के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैंं।

हम इस क्षेत्र में अपनी एक खास पहचान बनाना चाहते हैं और देश में अधिक से अधिक लोगों को आइमैक्स एक्सपीरियंस लाने के अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं। आइमैक्स ने शनिवार यह घोषणा की कि द पोलार एक्सप्रेस, आइमैक्स 3डी एक्सपीरियंस आइमैक्स 3 डी में परिवर्तित सबसे पहली, पूरी लंबाई की फीचर फिल्म प्रचलित थिएटर्स में द पोलार एक्सप्रेस के रिलीज के साथ-साथ भारत के आइमैक्स थिएटर्स में भी रिलीज की जाएगी।

आइमैक्स फिल्मों को छुट्टियों के इस मौसम में जबर्दस्त सफलता हासिल हुई। यहीं नहीं, इसने आइमैक्स डे एंड डेट रिलीज में कई आश्चर्यजनक कीर्तिमान स्थापित किए जिसमें मुख्य थे- बेस्ट ओपनिंग वीकेंड बॉक्स ऑफिस ड्रॉप और सर्वाेच्च कस्टमर सैटिसफैक्शन रेटिंग्स।

आइमैक्स 3 डी एक्सपीरियंस की पहली स्क्रीनिंग को संबोधित करते हुए रमेश प्रसाद, प्रसाद गु्रप के मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा, हम भारत में पहली बार इस रोमांचक मोशन पिक्चर को प्रस्तुत करते हुए बहुत ही उत्साहित महसूस कर रहे हैं।