अयोध्या मुद्दे पर संसद में हंगामा

 अयोध्या मुद्दे पर संसद में हंगामा

बाबरी मस्जिद विध्वंस के नौ वर्ष पूरे होने पर हुए हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही आज दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही एकजुट विपक्ष ने तत्काल अयोध्या मामले पर चर्चा की मांग उठाई, जिसका सत्ता पक्ष ने तीव्र प्रतिरोध किया। लोकसभा में जयपाल रेड्डी कांग्रेस, रामजीलाल सुमन सपा व वासुदेव आचार्य मा०र्सवादी अयोध्या मामले को उठाने की मांग करने लगे। अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी ने सदस्यों से प्रश्नकाल के बाद अपना पक्ष रखने की अपील की, जिसे अनसुना कर दिया गया। हंगामा जारी रहते देख अध्यक्ष ने तीन मिनट बाद ही कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।

परिदृश्य
-12 मार्च से मंदिर बनाने की तैयारी मेंवीएचपी ने पत्थर गढ़ाने का काम तेज किया है। दबाव के लिए जनवरी के तीसरे हफ्ते मे संतों का अयोध्या से दिल्ली मार्च। बजरंग दल ने पिछले हफ्ते से ही जागरण यात्रा शुरू की।
- एक सर्वे में भाजपा ने पाया कि मंदिर निर्माण पर लोगों का भरोसा उठा। भाजपा प्रचार में जुटी कि 12 मार्च तक प्रधानमंत्री मामला हल कर देंगे। विपक्ष दोहरा फंसा। एक ओर तो चुनावी गोलबंदी तेज। दूसरी ओर इस बात का असल डर कि चुनावी जीत-हार के बाद फिर 1992 जैसे जमावड़े की तैयारी।
- विपक्ष इस प्रचार मेंं लगा कि मंदिर आंदोलन का असल इरादा पिछड़ों को राजनीतिक रूप से इक_ïा न होने देना है।
राज्यसभा में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्य सारा कामकाज रोक कर बाबरी मसले पर चर्चा के लिए दिए गए अपने नोटिस पर सभापति कृष्णकांत का ध्यान आकृष्टï करने लगे। कांग्रेस के सुरेश पचौरी ने एक अखबार की प्रति लहराते हुए सदन में मौजूद प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी से कहा कि वे अयोध्या मामले पर अपनी स्थिति स्पष्टï करने वाला व०तव्य दें। लोकसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर कांग्रेस, वामपंथी दलों, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ओर से 20 से अधिक स्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए गए थे। इनमें कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार अयोध्या के विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखने में सरकार की विफलता के चलते गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

इन नोटिसों में कहा गया कि सरकार बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने वालों पर अब तक न तो मुकदमा चला सकी है और न उन्हें दंडित किया गया है। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल द्वारा माहौल को बिगाडऩे के लगातार किए जा रहे प्रयासों को भी रोकने में सरकार असफल रही है। इन नोटिसों में मांग की गई कि इससे उत्पन्न गंभीर स्थिति पर सदन में कामकाज रोक तत्काल चर्चा कराई जाए। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। उत्तेजित सदस्यों ने इस मामले को प्रश्नकाल के बाद उठाने की अध्यक्ष की अपील अनसुनी कर दी, जिस पर उन्होंने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।

चालू सत्र में दोनों सदनों में अयोध्या मसले पर विशेष चर्चा कराई जा चुकी है। राज्यसभा में सभापति कृष्णकांत ने प्रश्नकाल का पहला प्रश्न पूछने के लिए श्री सीपी थिरूनव०ïकरासु का नाम पुकारा, जो बोलने के लिए खड़े भी हुए, लेकिन सब कुछ शोर में डूब गया। समाजवादी पार्टी के मोहम्मद आजम खान दो पर्चियां पकड़े हुए थे, जिन पर शर्म दिवस लिखा था। श्री पचौरी ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए जिम्मेदार लोग मंत्री बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री यहां मौजूद हैं, उन्हें स्थिति स्पष्टï करनी चाहिए। मा०र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जीवन राय भी जोर-जोर से कुछ कह रहे थे, जो सुनाई नहीं दिया। सदन का मूड भांप श्री कृष्णकांत ने कार्यवाही करीब छह-सात मिनट बाद कल तक के लिए स्थगित कर दी।

बारूदी सुरंग विस्फोट मेे सात पुलिसकर्मियों की मौत

केंद्रीय गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि पाकिस्तान ने भारत में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिशें जारी रखीं, तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। श्री आडवाणी ने आज कहा कि भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पार संयम बरतने का फैसला किया है, लेकिन इसे कमजोर या ढिलाई का लक्षण नहीं समझा जाना चाहिए।

श्री आडवाणी ने कुल्लू से 35 किलोमीटर दूर पार्वती घाटी में एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप की 86 मेगावाट की मलाना पनबिजली परियोजना का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि हमें विश्वास है कि ‘हाट पस्र्यूट’ यानी आतंकियों को सीमा पार तक खदेडक़र मारने की कार्रवाई के बिना भी भारत आतंकवाद को परास्त कर सकता है। हमने कारगिल संघर्ष के समय भी संयम की नीति बनाए रखी, लेकिन अगर पाक हमारी सीमा में घुसपैठ करने पर आमादा है तो उसे उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

श्री आडवाणी ने कहा कि नियंत्रण रेखा के निकट के आतंकवादी प्रशिक्षण केद्रों पर हवाई हमले करने का फैसला ऐसा नहीं है, जिसे संवाददाता सम्मेलन में बताया जाए। इससे पहले किसी ने इस तरह की कार्रवाई को जायज भी नहीं कहा था। लश्करे तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बारे में पूछे जाने पर श्री आडवाणी ने कहा कि हमने इन आतंकवादी संगठनों पर पाबंदी लगाने का सुझाव दिया है और कार्रवाई चल रही है। गृहमंत्री ने स्पष्टï किया कि जम्मू-कश्मीर या देश के अन्य भागों में आतंकवाद भारत की अपनी समस्या है। भारत इस समस्या से स्वयं पार पाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

उन्होंने कहा कि हम इसके लिए दुनिया से मदद की प्रतीक्षा में नहीं बैठे हैं, फिर भी हमारा मानना है कि आतंकवाद विश्वव्यापी समस्या है। यह स्वागत की बात है कि दुनिया के देश इसके खिलाफ खड़े हुए हैं। श्री आडवाणी ने विश्वास व्यक्त किया कि आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई का वर्तमान चरण पूरा होने के बाद आतंकवादियों को पनाह और वित्तीय मदद देना आसान नहीं होगा।