लाइसेंस शुल्क से सरकार का गैर कर राजस्व बढ़़ा

 लाइसेंस शुल्क से सरकार का गैर कर राजस्व बढ़़ा

समाप्त वित्त वर्ष के नौ महीनों में सरकार की कर-वसूलियों के साथ साथ गैर-कर प्राप्तियों में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। इसमें दूरसंचार सेवादाताओं से लाईसेंस शुल्क के रुप में प्राप्त करीब 10 हजार करोड़ रुपए की राशि का अहम योगदान रहा है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी तिमाही आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि गैर-कर राजस्व वसूलियों में वृद्धि के पीछे दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से सामान्य और एकीकृत लाईसेंस शुल्क की वसूली का अहम योगदान रहा है।

दिसंबर 2003 तक सरकार की कुल गैर-कर वसूलियां 51 हजार 748 करोड़ रुपए रही है जो कि 2003--04 में होने वाली कुल वसूलियों के संशोधित अनुमान 75 हजार 488 करोड़ रुपए का 74 फीसदी तक है।

इसमें कहा गया है कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में गैर-कर वसूलियों की तुलना में यह राशि 5 हजार 104 करोड़ रुपए अधिक है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि गैर-कर राजस्व में ब्याज प्राप्तियां 21 हजार 450 करोड़ रुपए, लाभांश और लाभ 17 हजार 256 करोड़ रुपए रहीं जबकि शेष राशि का बड़ा हिस्सा दूरसंचार कंपनियों से लाईसेंस शुल्क के रुप में मिला है।

इस लिहाज से 13 हजार 42 करोड़ रुपए की शेष राशि में से करीब 10 हजार करोड़ रुपए लाईसेंस शुल्क के रुप में प्राप्त हुए। दिसंबर अंत तक गैर-ऋण प्राप्तियां 2 लाख 23 हजार 868 करोड़ रुपए तक हो गई। यह राशि बजट अनुमान का 79 फीसदी है। इसमें 18 हजार 23 करोड़ रुपए की वसूली कर्ज और अग्रिमों के रूप में हुई है।

हालांकि पुराने ऋणों की वसूली सहित कुल प्राप्तियां 51 हजार 785 करोड़ रुपए हुई। इसमें मुख्य तौर पर 32 हजार 602 करोड़ रुपए राज्य सरकारों ने लौटाए हैं। यह राशि कर्ज की अदला-बदली योजना के तहत प्राप्त हुई।

सरकार ने इस राशि का उपयोग राष्ट्रीय लघु बचत कोष की देनदारियों को पूरा करने के लिए किया। जितनी राशि मिली उतनी ही खर्च में दिखाई गई इस प्रकार वित्तीय घाटे पर इसका असर नहीं है। जहां तक कर राजस्व वसूलियों का मुद्दा है, तिमाही समीक्षा के अनुसार दिसंबर अंत तक सकल कर राजस्व 1 लाख 64 हजार 170 करोड़ रुपण् रहा है।

पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई कर वसूलियों की तुलना में यह राशि 17 हजार 978 करोड़ रुपए अधिक है। यह वृद्धि 12 फीसदी की रही है। इस राशि में से एक हजार 88 करोड़ रुपए राष्ट्रीय आपदा आपात कोष में और 44 हजार 287 करोड़ रुपए राज्यों का हिस्सा दिए जाने के बाद केन्द्र की निवल कर राजस्व प्राप्ति एक लाख 18 हजार 795 करोड़ रुपए रही है।

पिछले साल के मुकाबले यह राशि 14 हजार 951 करोड़ रुपए अधिक है। इस लिहाज से दिसंबर 2003 तक निवल कर वसूली वर्ष के बजट अनुमान का 65 फीसदी तक रही जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 60 फीसदी पर थी। प्रत्यक्ष कर वसूली दिसंबर 03 तक पिछले वर्ष के मुकाबले 11 हजार 211 करोड़ रुपए अधिक रही जबकि अप्रत्यक्ष कर वसूली में पिछले वर्ष के मुकाबले इस दौरान 6 हजार 767 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई।

बीएसएनएल 69 अरब रुपए का निवेश करेगा

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपनी मोबाइल और वायरलेस सेवा की बिक्री बढ़ाने के लिए 69 अरब रुपए का निवेश करने की योजना बना रहा है।

बीएसएनएल के अध्यक्ष वी.पी. सिन्हा के मुताबिक, इस राशि के निवेश से मोबाइल फोन सेवा का विस्तार कर 2 करोड़ 75 लाख ग्राहकों तक पहुंच बनाई जाएगी और वायरलैस की बिक्री को दुगना किया जाएगा।

बिक्री कारोबार के लिहाज से देश की दूरसंचार क्षेत्र की इस सबसे बड़ी इस कंपनी के फिलहाल 52 लाख जीएसएम मोबाइल ग्राहक हैं। कंपनी ने 62 अरब रुपए के जीएसएम उपकरणों के लिए विश्व निविदाएं आमंत्रित की हैं।

इन उपकरणों को मुख्यत: शहरी क्षेत्रों में स्थापित किया जाएगा। सिन्हा ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि विस्तार के लिए रकम का इंतजाम आंतरिक स्रोतों के जरिये ही ही किया जाएगा। फिलहाल निगम का प्रारंभिक पब्लिक इश्यू लाने का कोई इरादा नहीं नहीं है।

अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए कहा कि तीस लाख अतिरिक्त लाइनों के लिए उपकरण हासिल किए जा चुके हैं। 2004 में हमारे ग्राहकों की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी और अगले वर्ष दिसंबर तक हमारे पास 2 करोड़ 50 लाख जीएसएम इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता होने की उम्मीद है।

लाइसेंस शुल्क से सरकार का गैर कर राजस्व बढ़़ा

समाप्त वित्त वर्ष के नौ महीनों में सरकार की कर-वसूलियों के साथ साथ गैर-कर प्राप्तियों में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। इसमें दूरसंचार सेवादाताओं से लाईसेंस शुल्क के रुप में प्राप्त करीब 10 हजार करोड़ रुपए की राशि का अहम योगदान रहा है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी तिमाही आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि गैर-कर राजस्व वसूलियों में वृद्धि के पीछे दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से सामान्य और एकीकृत लाईसेंस शुल्क की वसूली का अहम योगदान रहा है।

दिसंबर 2003 तक सरकार की कुल गैर-कर वसूलियां 51 हजार 748 करोड़ रुपए रही है जो कि 2003--04 में होने वाली कुल वसूलियों के संशोधित अनुमान 75 हजार 488 करोड़ रुपए का 74 फीसदी तक है।

इसमें कहा गया है कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में गैर-कर वसूलियों की तुलना में यह राशि 5 हजार 104 करोड़ रुपए अधिक है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि गैर-कर राजस्व में ब्याज प्राप्तियां 21 हजार 450 करोड़ रुपए, लाभांश और लाभ 17 हजार 256 करोड़ रुपए रहीं जबकि शेष राशि का बड़ा हिस्सा दूरसंचार कंपनियों से लाईसेंस शुल्क के रुप में मिला है।

इस लिहाज से 13 हजार 42 करोड़ रुपए की शेष राशि में से करीब 10 हजार करोड़ रुपए लाईसेंस शुल्क के रुप में प्राप्त हुए। दिसंबर अंत तक गैर-ऋण प्राप्तियां 2 लाख 23 हजार 868 करोड़ रुपए तक हो गई। यह राशि बजट अनुमान का 79 फीसदी है। इसमें 18 हजार 23 करोड़ रुपए की वसूली कर्ज और अग्रिमों के रूप में हुई है।

हालांकि पुराने ऋणों की वसूली सहित कुल प्राप्तियां 51 हजार 785 करोड़ रुपए हुई। इसमें मुख्य तौर पर 32 हजार 602 करोड़ रुपए राज्य सरकारों ने लौटाए हैं। यह राशि कर्ज की अदला-बदली योजना के तहत प्राप्त हुई।

सरकार ने इस राशि का उपयोग राष्ट्रीय लघु बचत कोष की देनदारियों को पूरा करने के लिए किया। जितनी राशि मिली उतनी ही खर्च में दिखाई गई इस प्रकार वित्तीय घाटे पर इसका असर नहीं है। जहां तक कर राजस्व वसूलियों का मुद्दा है, तिमाही समीक्षा के अनुसार दिसंबर अंत तक सकल कर राजस्व 1 लाख 64 हजार 170 करोड़ रुपण् रहा है।

पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई कर वसूलियों की तुलना में यह राशि 17 हजार 978 करोड़ रुपए अधिक है। यह वृद्धि 12 फीसदी की रही है। इस राशि में से एक हजार 88 करोड़ रुपए राष्ट्रीय आपदा आपात कोष में और 44 हजार 287 करोड़ रुपए राज्यों का हिस्सा दिए जाने के बाद केन्द्र की निवल कर राजस्व प्राप्ति एक लाख 18 हजार 795 करोड़ रुपए रही है।

पिछले साल के मुकाबले यह राशि 14 हजार 951 करोड़ रुपए अधिक है। इस लिहाज से दिसंबर 2003 तक निवल कर वसूली वर्ष के बजट अनुमान का 65 फीसदी तक रही जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 60 फीसदी पर थी। प्रत्यक्ष कर वसूली दिसंबर 03 तक पिछले वर्ष के मुकाबले 11 हजार 211 करोड़ रुपए अधिक रही जबकि अप्रत्यक्ष कर वसूली में पिछले वर्ष के मुकाबले इस दौरान 6 हजार 767 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई।