जोगी रिश्वत मामले पर संसद में हंगामा

 जोगी रिश्वत मामले पर संसद में हंगामा

जोगी टेप मामले पर आज सोमवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज भाजपा सदस्यों के निशाने पर रहीं। भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही दो घंटे तक स्थगित रही।

भाजपा सदस्यों ने जोगी के कारनामे को देश के लोकतंत्र के इतिहास में शर्मनाक घटना बताया। प्रश्नकाल समाप्त होते ही भाजपा के कई सदस्य खड़े होकर इस मामले पर एक साथ बोलने लगे और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी को सदन में बुलाने की मांग करने लगे।

इसका कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध किया जिससे सदन में शोरगुल शुरू हो गया। भाजपा के मदनलाल खुराना ने यह मामला उठाते हए कहा कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पैसे देकर भाजपा विधायकों को तोडऩे का प्रयास किया है जो लोकतंत्र के इतिहास की शर्मनाक घटना है।

उन्होंने कहा कि जोगी ने इस मामले में अपनी पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुमति हासिल होने की बात कही है। इसलिए इस मामले में जितने जोगी दोषी हैं उतना ही श्रीमती गांधी दोषी हैं इसलिए उन्हें सदन में बुलाया जाए और इस बारे में उनसे जवाब मांगा जाए।

विजय कुमार मल्होत्रा ने इसे सबसे शर्मनाक घटना बताते हुए कहा कि इस मामले में श्रीमती गांधी भी शामिल हैं। कांग्रेस के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया जिससे भाजपा सदस्यों और उनके बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।

शोर शराबे के बीच कांग्रेस के प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि क्या भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण ने प्रधानमंत्री की अनुमति से रिश्वत ली थी। एक अन्य सदस्य ने कहा कि क्या पूर्व मंत्री दिलीप सिंह जूदेव ने प्रधानमंत्री से पूछकर रिश्वत ली थी।

सदन में थोड़ी शांति होने पर मल्होत्रा ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री पार्टी हाईकमान की अनुमति के बिना छींक तक नहीं सकता तो यह कैसे माना जा सकता है कि जोगी ने इस तरह का पत्र पार्टी अध्यक्ष की अनुमति के बिना दे दिया।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं है तो कांग्रेस अध्यक्ष ने जोगी से पूछताछ के लिए चार सदस्यों की समिति क्यों बनाई। उन्होंने कहा कि इन सब पर सफाई देने के लिए श्रीमती गांधी को सदन में बुलाया जाए।

कांग्रेस के जयपाल रेड्डी ने कहा कि जोगी ने पार्टी हाईकमान की अनुमति के बिना यह पत्र लिखा था इसलिए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जोगी को फंसाने के इस मामले को अंजाम देने में उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू और कानून मंत्री अरुण जेटली का नाम आ रहा है।

इस बीच भाजपा के सदस्यों ने कांग्रेस और सोनिया गांधी के विरुद्ध नारबाजी शुरू कर दी जिसके जवाब में कांग्रेस सदस्यों ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया।

भाजपा के किरीट सौमैया ने लोकसभा के एक सदस्य को दल बदल कराने के लिए रिश्वत देने के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है।

लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी ने आज शून्यकाल में सदन को बताया कि उन्हें सोमैया का नोटिस मिला है, जिस पर वे विचार कर रहे हैं। राज्यसभा में भी कांग्रेस सदस्यों के कड़े विरोध के बीच भाजपा के सदस्यों ने जोगी मामले पर हंगामा किया।

प्रश्नकाल के तुरंत बाद भाजपा सदस्य एसएस आहलुवालिया और कई अन्य सदस्यों ने जोगी मामले पर विपक्ष के नेता मनमोहनसिंह से स्पष्टïीकरण की मांग की। भाजपा सदस्यों के मूड को भांपते हुए स्पीकर मनोहर जोशी और सभापति भैंरोसिंह शेखावत ने सदन भोजनावकाश के समय से पहले सदन को स्थगित कर दिया।

सोनिया से पूछताछ कर सकती है सीबीआई

नई दिल्ली । भाजपा का मानना है कि जोगी प्रकरण की जांच में सीबीआई कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी पूछताछ कर सकती है। संसद के दोनों सदनों में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा नवनिर्वाचित विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के मामले में श्रीमती गांधी के बयान की मांग के बाद भाजपा संसदीय दल के प्रवक्ता विजय कुमार मल्होत्रा ने आज नियमित प्रेस ब्रीफिंग में यह मत व्यक्त किया। प्रवक्ता ने कहा-यह अविश्वसनीय लगता है कि जोगी ने इतना बड़ा आपरेशन हाईकमान की अनुमति के बगैर किया होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परंपरा रही है कि साधारण से काम में भी हाईकमान से अनुमति ली जाती है।

संविधान पीठ को सौंपी पत्रकारों की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को ‘द हिंदू’ और ‘मुरासोली’ अखबारों के छह पत्रकारों की दो याचिकाओं को स्वीकार कर लिया, जिनमें तमिलनाडु विधानसभा द्वारा उन्हें १५ दिन की सजा सुनाने के खिलाफ अपील की गई थी।

कोर्ट ने मामले को पांच सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिया। जस्टिस वाई.के. सब्बरवाल और जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्ण की बेंच ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के. कालिमुथु द्वारा सात नवंबर को जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगाई गई अंतरिम रोक जारी रहेगी।

बेंच ने कहा कि यह साफ जाहिर है कि इन अपीलों में अनुच्छेद 194 (3), अनुच्छेद 19 (1) (ए) की व्याख्याओं और संविधान के तहत इन दोनों अनुच्छेदों के आपसी तालमेल और अनुच्छेद 21 से जुड़े कई सवाल ऐसे हैं जिनकी व्याख्या संविधान पीठ को करनी चाहिए।

इन मामलों में पत्रकार कुलदीप नैयर और भारतीय प्रेस परिषद को एक पक्ष बनने का आवेदन भी स्वीकार कर लिया गया।

मालूम हो विधानसभा ने ‘द हिंदू’ के संपादक एन रवि, कार्यकारी संपादक मालिनी पार्थसारथी, प्रकाशक एस रंगराजन, ब्यूरो प्रमुख वी जयंत और विशेष संवाददाता राधा वेंकेटेशन को सदन की अवमानना करने के आरोप में 15 दिन की सजा सुनाई थी।